Not known Facts About Aacharya Ji ka siddhant:

ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.

सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)

इस तरह नवरात्रि के पूरे दिनों में मां की आराधना करें।

यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।

हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।

गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना और पूजन विधि

* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।

Gupt Navratri is especially significant for those who are deeply involved in the sector of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the greatest time to achieve accomplishment in special sadhana and also to acquire blessings from your Guru.

गुप्त नवरात्रि के अनुष्ठान व्यक्ति के जीवन से संकट, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होते हैं।

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा

गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।

घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।

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गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक more info नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।

मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।

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